दिल्ली में धरना स्थल पर किसानों का अखिल भारतीय सम्मेलन

विचार—विमर्श

नई दिल्लीः अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अनजान ने 25 अगस्त 2021 को निम्न प्रेस वक्तव्य जारी कियाः
26 और 27 अगस्त को किसान दिल्ली में धरना स्थल-सिंघु बाॅर्डर पर ‘‘अखिल भारतीय किसान सम्मेलन’’ का आयोजन करेंगे। किसान पिछले नौ महीने से दिल्ली के बाॅर्डरों पर संघर्ष के मैदान में हैं। देश के संघर्षरत किसानों ने अपनी मांगों-तीन काले कानूनों को रद्द करो और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी जामा पहनाओ-के लिए चल रहे आंदोलन को तेज करने और इसे एक अखिल भारतीय आंदोलन बनाने का फैसला किया है।

प्रेस को इस संबंध में जानकारी देते हुए अतुलकुमार अनजान ने कहा कि अखिल भारतीय किसान सम्मेलन के पांच सत्र होंगे। 26 अगस्त को तीन सत्र होंगे। 10 बजे से एक बजे तक पहला सत्र उद्घाटन सत्र होगा। 2 बजे से 3.30 बजे तक दूसरा सत्र औद्योगिक मजदूरों पर और 3.45 बजे से 6 बजे तक और तीसरा सत्र खेत मजदूर, ग्रामीण गरीब और आदिवासी लोगों पर केंद्रित होगा।

सम्मेलन के दूसरे दिन 27 अगस्त को 9.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहले सत्र का विषय होगा-महिला, छात्र, युवा एवं अन्य मेहनतकश लोग। 12 बजे से एक बजे तक दूसरा सत्र सम्मेलन का समापन सत्र होगा।

विभिन्न किसान संगठनों के नेता इन सत्रों के दौरान संबोधित करेंगे।

आशा है कि देश के दक्षिण, उत्तर एवं पूर्व के राज्यों से आने वाले प्रतिनिधियों समेत 1500 से अधिक किसान प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे। जो संगठन मेहनतकश लोगों और लोकतांत्रिक जनगण के वास्तविक एवं लोकतांत्रिक आंदोलनों का नेतृत्व करते रहे हैं, ये प्रतिनिधि उन संगठनों के व्यापक फलक का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन संगठनों में किसानों, भूमिहीन एवं खेत मजदूरांे, ग्रामीण गरीबों, आदिवासी लोगों, औद्योगिक मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों, छोटे दुकानदारों, पूर्व रक्षा सेवा कर्मियों, मेडिकल पेशेवर लोगों, वकीलों आदि के बीच काम करने वाले संगठन शामिल हैं।

सम्मेलन में किसानों के सभी मुद्दों पर एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा और आंदोलन को देशभर में तेज करने के लिए विचार किया जाएगा। किसानों के मुद्दे हैं-

  1. तीनों कृृषि काननों को निरस्त करो।
  2. सभी कृृषि उपजों को ‘‘सी2$50 प्रतिशत’’ के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाए।
  3. बिजली बिल को 2021 के निरस्त करो।
  4. राष्ट्रीय राजधानी एवं आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन कानून 2021 के तहत किसानों पर मुकदमे दायर न किए जाएं।
    किसान सम्मेलन मंे जनता को आंदोलित कर रही अन्य समस्याओं-जैसे कि तीन श्रम संहिताएं, मनरेगा, ईंधन एवं उर्वरकों की कीमतों में भारी वृ(ि, महिलाओं पर हमले, शिक्षा का निजीकरण, जनवितरण प्रणाली, आदिवासियों का विस्थापन एवं वन अधिकार कानून, छोटे दुकानदारों के कारोबार पर हमला, भूमि अधिग्रहण और भूमि अधिकार, लोकतांत्रिक अधिकार आदि-पर विचार-विमर्श किया जाएगा और प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
    अखिल भारतीय किसान सम्मेलन का उद्घाटन पंजाब के वरिष्ठ किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल करेंगे।
    किसान आंदोलन को तेज करने और देश भर में विस्तारित करने के लिए जो सुझाव आएंगे, सम्मेलन में उन पर विचार कर आगे की कार्रवाई योजना तय की जाएगी। समापन सत्र में कार्रवाई योजना की घोषणा की जाएगी।
    उत्तर प्रदेश में किसान संगठनों की लामबंदी
    लखनऊः 18 अगस्त 2021 को किसान समन्वय समिति यूपी की एक बैठक 22 कैसरबाग लखनऊ में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश भर से लगभग तीन दर्जन किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। बैठक में उत्तरप्रदेश में किसान आंदोलन को विस्तारित करने के लिए राज्य की विशेषताओं के अनुसार आंदोलन के प्रमुख मुद्दों को चिन्हित किया गया।
    बैठक की अध्यक्षता के लिए अध्यक्षमंडल चुना गया जिसमें जयप्रकाश, भारत सिंह, इम्तियाज बेग, आशीष मित्तल, तेजेन्द्र विर्क, चैधरी हरपाल विलारी, )चा सिंह, ललित त्यागी आदि शामिल थे। संचालन आत्मजीत सिंह ने किया। अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अनजान ने बैठक में प्रतिनिधियों के सम्मुख आंदोलन के विस्तार के लिए प्रस्ताव पेश किए और प्रदेशभर में किसान पंचायतों/रैलियों की रूपरेखा, बहस के लिए पेश की। बैठक की शुरूआत में पुरुषोत्तम शर्मा ने पिछली बैठक के बाद की गतिविधियों और आज की बैठक के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आशीष मित्तल ने 26-27 अगस्त को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा सिंघु बाॅर्डर पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के संबंध में विस्तार से बताया। उत्तर प्रदेश मंे किसान आंदोलन के विस्तार के संबंध में बैठक में सर्वसम्मति से निम्न प्रस्ताव पास किये गएः
  • तीन कृृषि कानूनों को वापस करो,
  • एमएसपी गारंटी कानून बनाओ,
  • नया बिजली बिल और नया प्रदूषण बिल वापस लो,
  • किसानों के गन्ने का ब्याज सहित लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का भुगतान तत्काल करो,
  • चार साल में बढ़ी लागत व महंगाई के अनुसार गन्ने के रेट में बढ़ोतरी करो,
  • उत्तर प्रदेश में बिजली के रेट आधे करो, किसानों को हरियाणा की तर्ज पर नलकूप के लिए बिजली के रेट लगाओ।
  • किसानों, ग्रामीण मजदूरों को )ण मुक्त करो।
  • बटाईदार किसानों को प्रमाण पत्र जारी करो, बटाईदारों व खेत मजदूरों को भी बैंकों से क्रेडिट कार्ड जारी करो।
  • मनरेगा में दो सौ दिन काम और 600 रुपए प्रतिदिन मजदूरी की व्यवस्था करो।
  • प्रदेश में नहरों से गाद की सफाई और सीवेज रोकने की तत्काल व्यवस्था करो।
  • बाढ़, सुखाड़ व अन्य प्राकृृतिक आपदा, जंगली व आवारा पशुओं से फसलों के हुए नुकसान पर 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दो।
  • राज्यों में नौकरियों में आरक्षण के नियमों मंे हुई अवहेलना को ठीक करो, सभी रिक्त पदों को भरो और कोरोना काल में बेरोजगार हुए नौजवानों का सर्वें कर उन्हें गुजारे लायक भत्ते की व्यवस्था करो, कोरोना से हुई सभी मौतों का जमीनी सर्वे कर उन्हें कोरोना मृतक प्रमाणपत्र जारी करो और उनके परिवारों को चार लाख रुपये का मुआवजा दो।
  • प्रदेश में जन-आंदोलनों के कारण गिरफ्तार सभी कार्यकर्ताओं को रिहा करो, आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी फर्जी मुकदमे वापस लो।
    बैठक में एक दिन दो घंटे के लिए उत्तर प्रदेश में टोल फ्री आंदोलन चलाने का फैसला लिया गया। 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर में संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित किसान रैली को सफल बनाने के साथ ही पूरे प्रदेश में किसान पंचायतें/रैलियां आयोजित करने का फैसला लिया गया। इसके तहत भारतीय किसान यूनियन असली ने 2 सितंबर को संभल में किसान रैली करने की सूचना दी। इसके अलावा जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी, तिलहर ;शाहजहांपुरद्ध, आजमगढ़, बलिया, प्रतापगढ़, सीतापुर, फरूखाबाद, अलीगढ़, मथुरा और बुंदेलखंड में किसान पंचायतें/रैलियों की तारीखें संयुक्त किसान मोर्चे के साथ तालमेल कर जल्द ही घोषित की जाएंगी।
    बैठक में निम्न संगठनों के नेताओं ने अपने विचार और सुझाव रखे-
    -एआईकेएम-ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा, एआईकेएस- राजेन्द्र यादव, उत्तर प्रदेश किसान सभा, एआईकेएस, मुकुट सिंह -भारतीय किसान यूनियन असली, प्रवल प्रताप शाही, जेकेएस-रजनीश भारती, बीकेयू समाज-लाल सिंह, बीकेएसजेयू-कमलेश यादव, बीकेयूकेएस-पवन कश्यप, एमकेएम-बृृज बिहारी, आरएम, राजीव यादव-किसान फ्रंट, इंकलाबी मजदूर केंद्र-रोहित, समाजवादी जन परिषद-अफलातून देसाई, जय किसान आंदोलन-मानवेन्द्र वर्मा।
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