स्वामी सहजानंद सरस्वती देस में किसान मजदूरों के राज के प्रबल हितायती थे—रामबाबू सिंह

मढ़ौरा—सारण (बिहार)। मढ़ौरा प्रखंड के बहुआरा पट्टी ग्राम स्थित सिपाही नगर में भा0 क0 पा0 एवं किसान सभा की प्रखंड इकाइयों द्वारा संयुक्त रूप से किसानों सहित तमाम शोषित पीड़ित जनगण के प्राण किसान नेता, महान स्वतंत्रता सेनानी जननायक स्वामी सहजानंद सरस्वती का 133वां जयंती धूमधाम से सोल्लास पूर्ण वातावरण में मनाया गया। समारोह स्थल को भा0 क0 पा0 एवं किसान सभा के लाल झंडो एवं बैनर से सजाया गया था। समारोह के पूर्व स्वामी जी अमर रहे, किसान मजदूर एकता जिन्दाबाद,किसानों का कर्ज माफ करो,एम0एस0पी0 को कानूनी दर्जा दो, विजली विल वापस करो,आदि के नारों के साथ प्रभात फेरी का भी आयोजन किया गया। स्वामी जी द्वारा स्थापित बिहार राज्य किसान सभा का झंडा फहराकर समारोह का आगाज किया गया। इसके बाद स्वामी जी के तैल चित्र पर माल्यर्पण किया गया।

समारोह की अध्यक्षता श्री भरत प्रसाद सिंह अधिवक्ता कर रहे थे। संचालन तत्जिमे इंसाफ के अध्यक्ष प्रो0 रजाक हुसैन ने किया। स्वागत भाषण प्रो0 आनंद कुमार ने किया। समारोह को संबोधित करते हुए भा0क0पा0 जिला सचिव रामबाबू सिंह ने कहा कि स्वामी सहजानंद हिंदुस्तान में किसान आंदोलन के जनक थे। और देश मे किसान मजदूरों के राज के प्रबल हितायती थे। इस लिए की उनका नारा था “जो अन्नवस्त्र उपजायगा वही कानून बनायेगा यह भारत वर्ष उसी का है।शासन वही चलायेगा”। अतः में पूंजीवादी राज को खत्म कर किसान मजदूरों के राज के लिए अनवरत संघर्ष का संकल्प ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

शिक्षक नेता चुल्हन प्रसाद सिंह ने कहा कि आज किसानों मजदूरों को अपार शोषण की चक्की में भारत सरकार पीस रही है। उससे मुक्ति के लिए किसानो के वर्गीय आंदोलन स्वामी जी के बताये रास्ते पर चलकर करने की जरूरत है।
वरीय अधिवक्ता सुरेंद्र नाथ त्रिपाठी ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वामी जी आजीवन किसान हित मे पूँजीपति, जमींदारों के खिलाफ लड़ते रहे ।

हमे भी संगठन बनाकर उस लड़ाई को जारी रखना है। वे समाजिक न्याय के भी बड़े पैरोकार थे। इतिहास कार प्रो0 भूपेश प्रसाद ने कहा कि स्वामी जी 1929 से लेकर आजीवन जमींदारों पूंजीपतियों के खिलाफ आन्दोलनों की धार को तेजकर आजादी की लड़ाई ने किसानों ,खेत मजदूरों एवं ग्रामीण दस्तकारों को सक्रिय किया और स्वतंत्रता आंदोलन को नया न्याय प्रदान किया। वे सदैव बिहार सहित पूरे देश मे ज़मीदारी राज के खात्मा के लिए याद किये जाएंगे। समारोह को बीरेंद्र प्रसाद, भरत राय, संजय कुमार सिंह,नुसरत अली, समसुदीन, प्रेमसुन्दर मांझी, राजदेव साह, भगवती दयाल, दुर्गा दयाल , विजय कुमार, अजय कु यादव, सुरेश सिंह पूर्व मुखिया, मनोज सिंह, पूर्व मुखिया हर्षबर्धन दीक्षित, प्रियरंजन पाण्डे, अमरेंद्र कुमार सिंह मुखिया ने भी सम्बोधित किया और स्वामी जी के सपनो का भारत बनाने का संकल्प लिया।

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