जेपी हाॅस्पिटल ने स्तन कैंसर से जंग जीत चुकी महिलाओं को सम्मानित करने के लिए आयोजित किया पिंक रिब्बन मीट

नोएडा: जेेपी हाॅस्पिटल (नोएडा) ने स्तन कैंसर जागरुकता माह के उपलक्ष्य में 23 अक्टूबर 2021 को पिंक रिब्बन मीट का आयोजन किया। स्तन कैंसर से जंग जीत चुकी महिलाओं को सम्मानित करने तथा लोगों को इस रोग के बारे में जागरुक बनाने के लिए यह आयोजन किया गया।
स्तन कैंसर आज दुनिया भर में महिलाओं को होने वाला सबसे आम प्रकार का कैंसर है, जो महिलाओं में होने वाले कैंसर के कुल मामलों में 16 फीसदी योगदान देता है।

विकासशील देशों में स्तन कैंसर का बोझ बहुत अधिक है, जहां 69 फीसदी मामलों में मरीज़ की मौत हो जाती है। इस अवसर पर डाॅ आशीष गोयल, डायरेक्टर, सर्जिकल ओंकोलोजी, जेपी हाॅस्पिटल एवं पिंक रिब्बन मीट के आयोजनकर्ता ने कहा, ‘‘कई कारणों से महिलाओं में स्तन कैंसर का निदान जल्द नहीं हो पाता, क्योंकि अक्सर महिलाएं अपने स्वास्थ्य से पहले परिवार की ज़रूरतों को महत्व देती हैं।

कुछ महिलाएं अपने स्तनों में गांठ के बारे में बात करने से हिचकती हैं और डाॅक्टर से संपर्क नहीं करना चाहतीं। जिसके चलते उनके निदान में देरी हो जाती है। स्तन कैंसर के लक्षणों के बारे में सतर्क रहना बहुत ज़रूरी है। अगर आपको अपने स्तनों में कोई भी बदलाव दिखे जैसे नई गांठ, स्तनों की त्वचा में बदलाव आदि तो तुरंत अपने डाॅक्टर को संपर्क करें।’’

‘‘दुनिया भर में महिलाएं आमतौर पर नियमित रूप से अपने स्तनों की स्क्रीनिंग नहीं कराती हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि 40 वर्ष या इससे अधिक उम्र की महिलाएं दो साल में एक बार मैमोग्राम ज़रूर कराएं। शुरूआती अवस्था में स्तन कैंसर का निदान होने पर मरीज़ के जीवित रहने की संभावना 90 फीसदी से भी अधिक हो जाती है।’’ डाॅ सुदर्शन डे, डायरेक्टर, रेडिएशन ओंकोलोजी, जेपी हाॅस्पिटलस ने कहा।

कैंसर के उपचार में आधुनिक तकनीकों के बारे में बात करते हुए डाॅ अभिषेक गुलिया, एसोसिएट डायरेक्टर, डिपार्टमेन्ट आॅफ रेडिएशन ओंकोलोजी, जेपी हाॅस्पिटल ने कहा, ‘‘गतिहीन जीवनशैली और जंक फूड का सेवन स्तन कैंसर के मुख्य कारण हैं। सेहतमंद जीवनशैली अपनाकर, शराब एवं तंबाकू का सेवन छोड़ कर और नियमित रूप से व्यायाम को अपनाकर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है।

इसके अलावा तनाव का भी स्वास्थ्य पर बुरा असर होता है। पिछले दशक में रेडिएशन थेरेपी, इम्युनोथेरेपी, कीमोथेरेपी, हाॅर्मोन थेरेपी एवं सर्जिकल तकनीकों में काफी प्रगति हुई है, आज ऐसी आधुनिक तकनीकें उपलब्ध हैं, जिनके द्वारा कम से कम साईड इफेक्ट्स के साथ मरीज़ों का इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है।’’

‘‘पिंक रिब्बन मीट बेहद महत्वपूर्ण है, जो हमे याद दिलाती है कि आज पहले से अधिक संख्या में महिलाओं में कैंसर का निदान हो रहा है। इसके माध्यम से हम लोगों को जल्दी निदान एवं उपचार का संदेश देना चाहते हैं। हमें मरीज़ों की मदद के लिए और उन्हें जागरुक बनाने के लिए बेहतर तरीके खोजने होंगे और इसीलिए हमने इस पहल का आयोजन किया है।’’ डाॅ योगेश निश्चल, सीनियर कन्सलटेन्ट, डिपार्टमेन्ट आॅफ मेडिकल ओंकोलोजी, जेपी हाॅस्पिटल ने कहा।

कार्यक्रम के अंत में कैंसर से जंग जीत चुके मरीज़ों को उत्साह बढ़ाया गया। कैंसर से जीत चुके मरीज़ों ने भी अपनी यात्रा के बारे में बताया, जो बीमारी से लड़ने के बाद उम्मीद के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रोग्राम का समापन डाॅक्टरों एवं दर्शकों के बीच एक इंटरैक्टिव सत्र के साथ हुआ।’’

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