विलेज स्क्वेयर ने स्थानीय लोगों के जीवन में बदलाव लाने युवाओं के साथ मनाया वर्ल्ड लोकेलाइज़ेशन डे

नई दिल्ली, 20 जून, 2022: विलेज स्क्वेयर ने नेशनल कोओपरेटिव युनियन ऑंफ इंडिया (एनसीयूआई) के सहयोग से दिल्ली के एनसीयूआई सभागार में वर्ल्ड लोकेलाइज़ेशन डे का आयोजन किया। इस मौके पर देश भर से ग्रामीण बदलावकर्ता, शहरी युवा, विकास पेशेवर एवं कारीगर मौजूद थे। स्थानीय सामान एवं कारीगारी के बारे में जागरुकता बढ़ाने तथा पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।

वर्ल्ड लोकेलाइज़ेशन डे का आयोजन दुनिया भर में स्थानीयकरण के परिणामस्वरूप आए व्यवस्थित बदलावों का जश्न मनाने के लिए किया जाता है। यह एक ऐसा मंच है जो शहरी लोगों को स्थानीय प्रभावकर्ताओं, अवसरों एवं उत्पादों के बारे में जानने का मौका देता है। यह मंच ग्रामीण कारीगरों को ऐसा अनुकूल माहौल प्रदान करता है, जिसके माध्यम से उन्हें विकसित होने और अपना कारोबार बढ़ाने का मौका मिले। यह एक ऐसी पहल है जो गांधी के स्वराज के दर्शन पर आधारित समाज की परिकल्पना को बढ़ावा देती है।

श्री विनय कुमार, निदेशक, विलेज स्क्वेयर यूथ हब एवं श्री सुमित सिंह, नेशनल अडवाइज़र, एनसीयूआई ने प्रतिभागियों का स्वागत किया। दिन की कार्रवाई शुरू करते हुए जाने-माने पत्रकार श्री नीलेश मिश्रा ने इस बारे में विचार-विमर्श किया कि हममें से हर व्यक्ति बेहतर समाज के निर्माण के लिए क्या कर सकता है। अपने रोचक भाषण के दौरान उन्होंने सभी लोगों को समाज सुधार में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। श्री सौरभ द्विवेदी, लल्लनटॉप के संस्थापक एवं जाने-माने पत्रकार ने अपने विचारों के साथ सत्र का समापन किया। उनकी चर्चा का विषय था ‘बी दा चेंज: इंस्पिरेशन मैनिफेस्टो टू कनेक्ट, क्रिएट एंड कंट्रीब्यूट

श्री विनय कुमार, निदेशक, विलेज स्क्वेयर यूथ हब ने कहा, ‘‘विलेज स्क्वेयर भारत में स्थानीयकरण के आंदोलन में अग्रणी हैं। यह पहल धरती के साथ तालमेल बनाने तथा स्थायी तकनीकों को बढ़ावा देने में मदद करती है। हमें खुशी है कि देश के युवाओं ने इसे खूब सराहा है। हमारा यह आंदोलन दुनिया भर के लोगों से आग्रह करता है कि पर्यावरण अर्थव्यवस्थाओं, पारम्परिक कला रूपों एवं स्थानीय भोजन की स्वस्थ प्रक्रियाओं को अपनाएं। विलेज स्क्वेयर ग्रामीण भारत से कहानियां एवं दृष्टिकोण लेकर आता है।’

‘पांच बेहतरीन युवा ग्रामीण बदलावकर्ताओं द्वारा स्टोरी टेलिंग’ सत्र कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा, इन युवाओं ने स्थानीय लोगों के जीवन में बदलाव लाने के प्रयासों में आई चुनौतियों पर रोशनी डाली। दो बार सरपंच रह चुकी मिस डॉली, जो दिल्ली-एनसीआर में अपनी अच्छी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर बिहार के गया चली गईं और ग्राम पंचायत के स्थानीय चुनावों में खड़ी हुईं। मिस मेघा परमार मध्यप्रदेश से माउंट एवरेस्ट की चढाई चढ़ने वाली और स्कूब डाइविंग का विश्व रिकॉर्ड बनाने वालीं पहली महिला हैं। मोर मिट्टी झारखण्ड के सिमदेगा ज़िले में स्थित एक स्थायी कैफ़े है जहां भोजन से लेकर बुनियादी सुविधाओं तक, सभी सामान स्थानीय रूप से प्राप्त किया जाता है, ताकि स्थानीय कारोबार को बढ़ावा दिया जा सके। आदिवासी लाईव्स मैटर के सह-संस्थापक आशीष बिरूली, भारत के झारखण्ड से पहली आदिवासी फोटो पत्रकार और टेड-एक्स प्रवक्ता हैं, जिनके पास डिजिटल स्टोरीटैलिंग में आठ साल का अनुभव है। वे झारखण्ड के हो आदिवासी समुदाय से हैं। शुभ्रांशु चौधरी- सीजीनेट स्वरा (वॉइस ऑफ छत्तीसगढ़) मोबाइल न्यूज़न सर्विस के संस्थापक, जिसने भारत के दूरदराज के इलाकों में लोगों द्वारा खबरों को स्वीकार करने और शेयर करने के तरीके को बदल दिया।

इस अवसर पर संजना कौशिक, मैनेजर, विलेज स्क्वेयर यूथ हब ने कहा, ‘‘विलेज स्क्वेयर शहरी एवं ग्रामीण भारत के बीच के अंतर को दूर करता है। ग्रामीण भारत की आवाज़ को दिल्ली जैसे शहरों में लोकर यह कार्यक्रम उन्हें ग्रामीण बदलावकर्ताओं से मिलने का मौका देता है। उन्हें बताता है कि किस तरह स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से लाखों लोगों के जीवन में बदलाव आया है, उन्हें प्रकृति के साथ तालमेल बनाकर काम करते हुए शिक्षा के अवसर प्राप्त हुए हैं।’

यह आंदोलन सभी स्थानीय चीज़ों को बढ़ावा देता है। इस अवसर स्थानीय भोजन का विशेष महत्व था। क्राफ्ट मेले में आए आगंतुकों को समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव पाने का मौका मिला, जहां धरती के साथ तालमेल बनाते हुए सभी उत्पादों का निर्माण स्थानीय सामग्री एवं तरीकों का उपयोग कर ग्रामीण कारीगरों द्वारा किया गया था।

ग्रामीण विकास में युवाओं के लिए असंख्य अवसरों पर पैनल चर्चा का आयोजन भी किया गया। चर्चा में हिस्सा लेने वाले दिग्गजों में मिस एंजल कोंथोउजम, एसबीआई यूथ फॉर इंडिया फैलो, श्री अजीत, गुड पॉलिटिशियन प्रोग्राम, इंडियन स्कूल ऑफ डेमोक्रेसी, मिस रिनी राजीव, इंडिया फैलो- सोशल लीडरशिप प्रोग्राम, श्री सत्यम मिश्रा, पीरियड फेलो- द पीरियड फेलोशिप प्रोग्राम, विवेक कुमार-सीईओ, क्षमातलाया, गांधी फैलो शामिल थे।

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