रक्षा बंधन पर एण्डटीवी के कलाकारों ने बचपन के दिनों को याद किया

भाई-बहन का रिश्ता दुनिया में सबसे अनमोल होता है। भाई-बहन के बीच एक पारिवारिक रिश्ता तो होता ही है, साथ ही ये एक-दूसरे के सबसे अच्छे दोस्त भी होते हैं। रक्षा बंधन के अवसर पर एण्डटीवी के कलाकारों में से ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ की गेंदा (श्रेणू पारिख) और वरूण अग्रवाल (अक्षय म्हात्रे), ‘और भई क्या चल रहा है?‘ के रमेश प्रसाद मिश्रा (अंबरीश बाॅबी) और सकीना मिजऱ्ा (अकांशा शर्मा) और ‘बाल शिव‘ की अनुसूया (मौली गांगुली) और भगवान शिव (सिद्धार्थ अरोड़ा) ने अपने भाईयों एवं बहनों के साथ बचपन की खूबसूरत यादों के बारे में बात की।

एण्डटीवी के ‘बाल शिव‘ में अनुसूया का किरदार निभा रहीं मौली गांगुली ने कहा, ‘‘मेरे कजि़न भाई अभिषेक मेरे बेस्ट फ्रेंड्स में से एक हैं। हालांकि, दूसरे भाई-बहनों की तरह हमने कभी भी बहुत ज्यादा समय एकसाथ नहीं बिताया, लेकिन हम दोनों में हमेशा से ही काफी समानतायें रही हैं। हमारी पसंद, नापसंद सबकुछ एकजैसी ही थी।

उसके साथ की मेरी एक सबसे पसंदीदा याद रक्षाबंधन के समय की है, जब मैंने उसके लिये पिज्जा और केक बनाया था। शुरूआत में मुझे कुकिंग का शौक नहीं था, लेकिन उसने मेरा जिस तरह से हौसला बढ़ाया, वो मेरे लिये मायने रखता था। मुझे आज बेकिंग करना बहुत पसंद है और यह उसकी बदौलत ही हुआ है।‘‘ श्रेणू पारिख, जोकि एण्डटीवी के ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ में गेंदा बनी हैं, ने कहा, ‘‘मुझे अपने छोटे भाई से बहुत प्यार है, जो मेरे मुंबई आने के समय तक बड़ौदा स्कूल में पढ़ रहा था। इसलिये हमारा रिश्ता ‘लाॅन्ग डिस्टेंस‘ वाला रहा है। वह फिलहाल यूएसए में रहता है, इसलिये हम मोबाइल एवं लैपटाॅप के सहारे ही हमारी परंपराओं को निभाते हैं। हमारे सेलिब्रेशन्स, गाॅसिप्स और सबकुछ ‘लाॅन्ग डिस्टेंस‘ वाले ही रहे हैं। लेकिन इससे हमारे रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ा है और दूर होते हुये भी हम एक-दूसरे के बेहद करीब हैं।

हम इस बात का ख्याल रखते हैं कि चाहे दिन हो या रात, हम हमेशा एक-दूसरे के लिये मौजूद रहते हैं। वह हमेशा ही अपनी उम्र से ज्यादा मैच्योर रहा है और आज वह जिस भी मुकाम पर है, मुझे उस पर गर्व है। मैं इस रक्षाबंधन पर उसे बहुत मिस कर रही हूं। हालांकि, हम जब भी मिलते हैं उसी उत्साह एवं प्यार के साथ रक्षाबंधन मनाते हैं, क्योंकि यह एक खूबसूरत रिश्ते का सेलीब्रेशन है और समय या एक-दूसरे से दूरी इस रिश्ते को प्रभावित नहीं कर सकती। आखिर में मैं उन भाई-बहनों से जो एक-दूसरे से दूर हैं, यही कहना चाहूंगी कि मजबूत बने रहें!‘‘

एण्डटीवी के ‘और भई क्या चल रहा है?‘ में रमेशा प्रसाद मिश्रा का किरदार निभा रहे अंबरीश बाॅबी ने कहा, ‘‘मैं खुद को इस दुनिया का सबसे खुशकिस्मत भाई मानता हूं। मेरी एक या दो नहीं, बल्कि चार बहनें हैं। मेरी हर बहन के लिये मेरे दिल में एक खास जगह है और मैं अपनी बड़ी बहन को सबसे ज्यादा मिस करता हूं, जो अब हमारे बीच में नहीं है। मेरे लिये सबसे यादगार रक्षाबंधन वह था, जब मेरी बहन ने मेरे लिये चांदी की एक खास राखी बनाई थी। मैं बहुत खुश हुआ था और सभी लोगों को अपनी फैंसी राखी दिखाने के लिये उत्साहित था। लेकिन एक चीज जो मेरी दीदी हमेशा किया करती थी, वह है क्लासिक फ्लावर राखी, जो तरह-तरह के फूलों से बनी होती थी।

उसकी मौत के बाद, मेरी दूसरी बहनों ने उसकी याद में फूलों से बनी राखी की परंपरा को जारी रखा।‘‘ एण्डटीवी के ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रेसन महाराज की‘ के वरूण अग्रवाल यानी कि अक्षय म्हात्रे ने कहा, ‘‘मेरी कई कजि़न बहनें हैं। और क्योंकि मैं अपने मां-पापा का इकलौता बेटा हूं इसलिए मुझे उन सभी से बहुत जलन होती है, जिनके घर पर उनका भाई या बहन होती है। हर बार रक्षाबंधन पर मैं अपनी कजि़न बहनों से खूब प्यार जताता हूं।

उनके लिये स्वादिष्ट खाना बनाने से लेकर उन्हें मनचाहे तोहफे देने तक मैं उनसे लाड़ लड़ाता हूं और उनके साथ ढेर सारा समय बिताता हूं। मेरी तरफ से सभी लोगों को रक्षाबंधन की शुभकामनायें।‘‘ एण्डटीवी के अपकमिंग शो ‘बाल शिव‘ में महादेव बने सिद्धार्थ अरोड़ा ने कहा, ‘‘मैं बनारस का रहने वाला हूं और हमारे घर पर हम एक बहुत ही ट्रैडिशनल स्टाइल में रक्षा बंधन मनाते थे। मेरा पूरा परिवार हमारे पूराने घर में इस त्योहार को मनाने के लिये एकजुट होता था। यह हमारे घर का एक रिवाज था।

रक्षाबंधन के दूसरे दिन, मैं जब स्कूल जाता था, तो मेरे हाथ में कोहनी तक राखियां बंधी होती थीं। मेरे दोस्तों को यह देखकर बहुत अच्छा लगता था और उनका अटेंशन पाकर मुझे बहुत मजा आता था। इस रक्षाबंधन पर मुझे यह सब बहुत याद आता है और हम चाहते हैं कि वर्चुअल रूप से हम उसी उत्साह के साथ यह त्योहार मनाते रहें।‘‘ एण्डटीवी के ‘और भई क्या चल रहा है?‘ में सकीना मिजऱ्ा की भूमिका निभा रहीं अकांशा शर्मा ने कहा, ‘‘मेरा भाई आकाश मेरा नंबर वन चीयरलीडर है।

हम दोनों बिल्कुल एक जैसे हैं; हमारे मां-पापा इस बात को बखूबी जानते थे, कि यदि कुछ नहीं होगा तो हम दोनों ही एक-दूसरे के लिए काफी हैं। रक्षाबंधन हमारी जिंदगी के ऐसे रिश्तों को सेलीब्रेट करने का समय है। मेरे लिये, मेरे भाई ने कई भूमिकायें निभाई हैं। जब मेरी शादी हो रही थी, तो उसने इस बात का पूरा ख्याल रखा कि हर चीज मेरी पसंद की हो। उसने कोई कसर नहीं छोड़ी, और मेरी बिदाई वाले दिन उसने मुझे जोर से गले लगा लिया! मैं बहुत खुशनसीब हूं कि मेरी जिंदगी में उसके जैसा एक भाई है।‘‘

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