भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के 97वें स्थापना दिवस के अवसर पर सभा आयोजित

नरवाना (हरियाणा)। 31 दिसम्बर 2021 को स्थानीय अम्बेडकर भवन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के 97 वें स्थापना दिवस के अवसर पर कामरेड मनीराम की अध्यक्षता में एक सभा आयोजित की गई । सभा का संचालन ए आई के एस के प्रदेश अध्यक्ष गुरभजन सिंह ने किया। सभा से पूर्व सीपीआई की राष्ट्रीय सचिव कामरेड अमरजीत कौर, राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप, सह सचिव सत्येन्द्र गिरि, भीम सिंह आदि ने भारत रतन, संविधान निर्माता डाक्टर भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण किया।

सीपीआई की राष्ट्रीय सचिव एवं एटक की महासचिव कामरेड अमरजीत कौर ने पार्टी के 96 वर्षों के संघर्ष एवं उपलब्धियों के गौरशाली इतिहास की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि साम्यवादी विचारों वाले देश के कुछ नौजवानों ने रुस की समाजवादी क्रांति से प्ररेणा लेकर 26 दिसम्बर 1925 को कानपुर में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की स्थापना की। उन्होंने कहा कि स्थापना सम्मेलन में देश को अंग्रेजी साम्राज्यवाद से मुक्ति के लिए संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने और आजाद भारत में देश की मेहनतकश जनता के हितों के लिए अनवरत संघर्ष चलाते हुए देश में शोषणमुक्त समाजवादी व्यवस्था कायम करने के लिए काम करने के दो लक्षय तय किये गये।

कामरेड अमरजीत कौर ने कहा कि देश को आजाद कराने के आंदोलन में सीपीआई के अनगिनत नेताओं ,कार्यकर्ताओं ने अपने प्राण न्यौछावर किये, बहूत सारे कम्युनिस्टों ने आजीवन कैद काटी, काले पानी की सजा भुगती, भूमिगत रह कर देश की आजादी के लिए काम किया, आज उन सब लोगों को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के चहुंमुखी विकास में सीपीआई की संसद से लेकर सड़क तक किये गए संघर्ष की भूमिका को नकारा नही जा सकता । सीपीआई के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने देसी रियासतों को भारत में मिलाने के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। निजाम की रियासत को भारत में शामिल करने के लिए चले स:शस्त्र संघर्ष का नेतृत्व सीपीआई ने किया जिसमें हजारो कम्युनिस्टों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।

वर्तमान सरकार के चरित्र का जिक्र करते हुए कामरेड अमरजीत कौर ने कहा कि आज भाजपा सरकार देश को पुन: रियासतों के दौर में ले जाने के लिए काम कर रही है। यह सरकार बडी़ चालाकी से राजा महाराजाओं की जगह कुछ बडे़ बडे़ कारपोरेट घरानों को देश की सम्पत्ति एवं तमाम संसाधन सौंपने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय में सीपीआई को वामपंथी ताक्तों को साथ लेकर संघर्ष चलाने की मुख्य जरुरत है।उन्होंने कहा कि आज भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य जनवादी संगठनों को व्यापक करने, मजबूत करने के लिए उनकी सदस्यता बढाने की अति आवश्यकता है।

भाकपा के राज्य सचिव दरियाव सिंह कश्यप ने स्वतंत्रता आंदोलन में सीपीआई की भूमिका पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन में चोरा चोरी केस, कानपुर व मेरठ षडयंत्र केस सहित अनेकों केस तत्कालीन कम्युनिस्टों पर लगाए गए और उन्हें जेलों में डाल कर यातनाएं सहने पर मजबूर किया गया। राज्य सह सचिव सत्येन्द्र गिरि ने कहा कि देश भर के कम्युनिस्टों ने फ्रांस साम्राज्यवाद से पांडीचेरी को एवं गोवा को पुर्तगाल से आजाद कराने और देश में शामिल करने के लिए भी कुर्बानियां दी। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश के विकास के लिए सीपीआई नेतृत्व ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और आज सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन में सीपीआई अगली कतारों में हैं ।

सीपीआई की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य राम रतन एडवोकेट ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में कम्युनिस्टों ने सोवियत संघ सहित अन्य कम्युनिस्ट सरकारों से सहयोग लेने के काम में अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि किसानों ने मजदूरों, कर्मचारियों एवं अन्य तबकों के साथ मिलकर आजादी के बाद का सबसे लम्बा और ऐतिहासिक आंदोलन किया और मोदी सरकार को खेत व किसान विरोधी तीनों काले कानूनों को रद्द करने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री फिर से उल जलूल बयान देने लगे हैं।

सभा को मामचंद सैनी, डाक्टर सुखदेव सिंह जम्मू, रुप सिंह, भीम सिंह, सतपाल सरोवा आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर बेदो देवी, कृष्णा देवी, गुडडी, बीरमती ने संयुक्त रुप से बुके देकर कामरेड अमरजीत कौर का स्वागत किया। सभा में सीपीआई के लिए काम करने के चलते प्रेम सिंह, माम चंद सैनी, रुप सिंह, सत्येन्द्र गिरि, ईश्म सिंह, पवन कुमार सेनी, राम रतन एडवोकेट, सुखदेव जम्मू, बीर सिंह लाठर, जिले सिंह पाल, राम फल सेलवाल ,भीम सिंह, सतपाल सरोवा ,नरेन्द्र बलहारा, महेन्द्र सिंह तंवर, सरुपा राम आदि को माला पहनाकर कर सम्मानित किया गया।

करनाल के कर्ण पार्क में, शाहबाद के शहीद खुशदेव स्मारक भवन, राजपूत धर्मशाला हिसार, निक्की आयल मिल दातौली के प्रांगण में भी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का 97 वां स्थापना दिवस मनाया गया।

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