हिमालय की सबसे उंचे गांव की ग्लोबल वार्मिंग के असर को दिखाएगी फिल्म काॅमिक

मुंबई। हाल ही में उत्तराखंड के चमोली में जलजला आया था। इस तबाही की वजह ग्लेशियर का टूटना था। जून 2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आई जलप्रलय को भी लोग आज तक नहीं भूले हैं।

कई जानें ले चुके जलप्रलय को याद कर आज भी लोग सिहर जाते हैं। इतना ही नहीं 2004 में आई सुनामी की खौफनाक यादें लोगों के जेहन में अब भी ताजा हैं।

ग्लोबल वार्मिंग को इन सब तबाही की वजह बताया गया। हम प्रकृति से छेड़छाड़ की काफी भारी कीमत चुका रहे हैं।

हिमालय पर हो रहे ग्लोबल वार्मिंग के असर को लेकर जल्द ही एक फीचर फिल्म रिलीज होने वाली है। हिमालय पर ग्लोबल वार्मिंग के इस असर को दिखाने वाली फिल्म का नाम काॅमिक है।

इसके डायरेक्टर का नाम युवराज कुमार है। फिल्म दुनिया के सबसे उंचे टाउन की कहानी दिखाती है। काॅमिक हिमचाल प्रदेश के स्पीती में स्थित है।

इसे दुनिया का सबसे उंचा गांव माना जाता है, जहां वाहन जाने के लिए रास्ता है। फिल्म में दर्शाया गया है कि अमीर युवाओं को गाड़ियां भगाना पसंद है।

इन गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से हिमालय को नुकसान पहुंच रहा है। प्रदूषण की वजह से होने वाले ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हिमालय पर भूस्खलन जैसी घटनाएं हो रही है।

इस कारण उत्तराखंड में अब तक कई जानें जा चुकी हैं।

वाहनों से होने वाली इस तबाही को देखकर युवाओं को अपने किए पर पछतावा होता हैं और वे अपनी स्पोट्र्स कार छोड़कर स्केट बोर्ड, स्कीइंग और साइकिल को अपना लेते हैं। वे इसमें आगे बढ़ते हुए अपने देश का इन खेलों में प्रतिनिधित्व भी करते हैं।

इसके साथ वे लोगों को भी पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले वाहनों को त्याग कर इको फ्रेंडली साधनों के इस्तेमाल का संदेश देते हैं।

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