हरियाणा के मुख्यमंत्री 4 नवम्बर को पलवल में धानुका एग्रीटेक के आधुनिक रीसर्च एवं ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन करेंगे

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नई दिल्ली, 3 नवम्बर, 2022: देश की अग्रणी कृषि रसायन कंपनियों में से एक धानुका एग्रीटेक ने रु 10 करोड़ के निवेश के साथ हरियाणा के पलवल में नए अनुसंधान एवं विकास केन्द्र की स्थापना की है।

4 नवम्बर को हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी इस आधुनिक ‘धानुका एग्रीटेक रीसर्च एण्ड टेक्नोलॉजी सेंटर’ का उद्घाटन करेंगे। भारत सरकार के माननीय विद्युत एवं भारी उद्योग मंत्री श्री कृष्णन पाल गुर्जर; हरियाणा के माननीय कृषि मंत्री श्री जे पी दलाल; श्री दीपक मंगला, एमएलए, पलवल; वाइस चांसलर, चौधरी चरण सिंह, हरियाणा कृषि युनिवर्सिटी डॉ (प्रोफेसर) बीआर कम्बोज एवं वाईस चांसलर, महाराणा प्रताप होर्टीकल्चर युनिवर्सिटी, प्रोफेसर समर सिंह एवं अन्य दिग्गज उद्घाटन समारोह में मौजूद रहेंगे। यह सुविधा कृषि क्षेत्र के सभी किसानों, अनुसंधानकर्ताओं एवं अन्य हितधारकों के लिए खुली होगी।

अनुसंधान एवं विकास केन्द्र में ओर्गेनिक सिंथेसिस लैब, एनालिटिकल लैब, फॉर्मुलेशन लैब, सॉयल एण्ड वॉटर एनालिसिस लैब, एग्री आर एण्ड डी लैब, बोटेनिकल लैब, बायो-पेस्टीसाईइड लैब, बायोएस्से लैब, इन्सेट रियरिंग लैब और प्रशिक्षण केन्द्र होंगे।

इस सुविधा में भारतीय कृषि के स्थायी विकास की मौजूदा एवं भावी चुनौतियों को हल करने के लिए बुनियादी एवं आधुनिक अनुसंधान कार्य किए जाएंगे।

धानुका का आर एण्ड डी सेंटर आधुनिक विस्तार रणनीतियों के द्वारा कई तरीकों से किसानों को लाभान्वित करेगा। इन तकनीकों का उपयोग कर किसान अपने कृषि उत्पादन को बढ़ा सकेंगे।

नया आर एण्ड डी सेंटर कृषि क्षेत्र के शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक अध्ययन करने का अवसर भी देगा। यहां किसान मिट्टी की जांच, पानी की जांच, बायो-पेस्टीसाईड की जांच आदि का लाभ भी उठा सकेंगे।

इस अवसर पर श्री आर जी अग्रवाल, चेयरमैन, धानुका ग्रुप ने कहा, ‘‘हम कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक एवं अनुसंधान आधारित सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रयासरत हैं। हमारा यह नया अनुसंधान केन्द्र इस दिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सुविधा किसानों एवं शोधकर्ताओं के लिए खुली है, जहां हम आधुनिक तकनीकों जैसे ड्रोन और खेती की प्रेसीज़न तकनीकों के द्वारा किसानों की उत्पादकता बढ़ाने में मदद कर सकेंगे। यह केन्द्र नीति निर्माताओं और कृषि वैज्ञानिकों के लिए भी कारगर होगा जो सही सलाह देकर किसानों एवं पूरे कृषि क्षेत्र को लाभान्वित कर सकेंगे।’

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