विचार-विमर्श
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कृष्ण की छवि
शाम का समय है, चिड़ियाँ अपने घर को जा रहीं हैंमीरा रानी नदी किनारे बैठ कृष्ण-भजन गा रहीं हैं दूर…
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हां मैं धृतराष्ट्र हूं
छल , मोह , लालसा सेलबालब भरा किरदार हुहां मैं धृतराष्ट्र हू सत्ता के सिंहासन पर विराजमान,धर्मसंकट का आधार हूँहां…
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“उभर चुकी हूँ”
“ठिठुर कर ठिठकना भूल चुकी हूँ, मिटती मिटाती उभर चुकी हूँ, बेबस नहीं बेबाक बड़ी हूँ खुद के रचाए आसमान…
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थाइरॉएड में शुगर और सोया से कैसे बचें
थाइरॉएड, गर्दन के सामने वाले हिस्से में तितली के आकार की एक ग्रंथि होती है। इससे निकलने वाले हार्मोंस शरीर…
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चाहा था हमेशा से तुझको
चाहा था हमेशा से तुझकोतुम तो बदल गईमीत मिला और कोईछोड़कर मुझे,उसके साथ निकल गई जब तलक चलेगी सांसेकरता रहूंगा…
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किसान का दर्द
जम गई जल की धारा कितनी ये रात सर्द हैऊपर से बरसता हुआ पानी भी दे रहा दर्द है हर…
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बीस की टीस के साइड इफेक्ट्स
प्रकृति के प्रकोप से मनुष्य कितना बेबस व विवश हो जाता है,वर्ष दो हज़ार बीस कितनी टीस दे गया ये…
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किसान आन्दोलन पर शान्त क्यों सरकार ?
देश के अन्नदाता जिन्हें अपने कृषि क्षेत्रों में होना चाहिए वे आज सड़कों पर बैठकर आन्दोलन कर रहे हैं। हर…
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मुझे किसान कहते हो
हां मैं ही हूं चिलचिलाती धूप में काम करता,तेरे लिए बिना स्रोत के जलता,मुझे पहचान सकते हो?अरे हां, मुझे किसान…
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किसान का अपमान
लिखती मैं किसान के लिएया उस भगवान के लिए।अल्साई आंखों से जो,जागते ही देखे आकाश की ओर।पैरों में ना चप्पल…
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