विचार-विमर्श
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जीवन स्वयं गढ़ेंगी हम
आसमान में उड़ने का कौशल है आजादी दो।गिरि-शिखर झुकाने का साहस बल है आजादी दो।मां पोषण-प्यार, दुलार हमें भी दो…
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भाजपा को वोट नहीं देने की किसान संगठनों की अपील
अतुल कुमार अनजानकोलकत्ताः किसान संगठन के नेताओं ने भाजपा की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन को नया रंग देते…
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काल चक्र
इंसान पूजे जाते हैंक्योंकि वह रहस्यो से भरे हुए हैं ।जिस दिन सारे रहस्यखत्म हो जाएंगे ,उस दिन से एकनई…
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मरने की बात
मरने की बात न करो…ऐसी तुम फरियाद न करोजीना है तुम्हें जब तलक है जिंदगीजाने कि तुम बात ना करो…
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फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए 2020 से मिले सबक और प्रमुख सीख
“आप आगे बढ़ते हुए डॉट्स कनेक्ट नहीं कर सकते; आप उन्हें केवल पीछे देखने पर जोड़ सकते हैं” स्टीव जॉब्स पूरे देश में कोरोनावायरस के खिलाफ टीकाकरण अभियान चल रहा है। आखिर, 2021 ने वह शुरुआत दी है, जिसका सभी को इंतजार था! आज, भारत में इक्विटी निवेशक भी बराबरी से खुश हैं। टियर II और टियर III शहरों में निवेशकों की जागरूकता के वर्षों बाद अब जाकर अधिक से अधिक निवेशक और ट्रेडर शेयर मार्केट में रुचि ले रहे हैं। जाहिर है, टेक्नोलॉजी उनकी सेवा में हाजिर है (एआई-आधारित निवेश इंजन और मोबाइल ट्रेडिंग जैसी सुविधाओं के साथ), और इसी तरह #बजटकामतलब (#BudgetKaMatlab) के साथ भारत का वित्तीय रोडमैप भी उनके पास है। हालांकि, शेयर बाजार सोचे-समझे जोखिमों और उससे निकलने वाले लाभ का एक खेल है। फिर, वर्ष 2020 ने इस समीकरण को कैसे बदला या नया स्वरूप दिया है? तो, चलिए 2020 से फाइनेंशियल प्लानिंग के लिए सीखने वाली बातों पर एक नजर डालते हैं ताकि 2021 में हमारी नई शुरुआत जितनी शानदार हुई है, उतनी ही अद्भुत बनी रहे। विस्तार पर ध्यान दें: खतरे अक्सर अदृश्य होते हैं यह विडंबना है कि कभी-कभी ऐसा कुछ दिखाई भी नहीं देता, जिसका बाजार पर बहुत प्रभाव पड़ता है। लेकिन अनुभवी निवेशक आपको बताएंगे कि ऐसा है नहीं। वे जानते हैं कि, कोरोनोवायरस की तरह, इस तरह के फेक्टर अक्सर बाजार में अनदेखे रह जाते हैं – जब तक कि आपके पास उन्हें देखने की समझ न हो। अन्यथा, वे अक्सर आंख से छिप जाते हैं। उदाहरण के लिए, किसी को भी 2008 में लेहमैन ब्रदर्स के ध्वस्त होने की उम्मीद नहीं थी। पर माइकल बरी, फ्रंटपॉइंट पार्टनर्स, ब्राउनफील्ड कैपिटल जैसे कुछ लोगों ने इसे देखा, क्योंकि उन्होंने डिटेल्स पर ध्यान दिया था। सक्रियता से संतुलन साधना 2020 ने वैश्विक निवेशकों को झंझोड़ा है और उसके बाद ही गया है। इसने उन्हें याद दिलाया कि निवेश करना और उन पर निष्क्रिय रहने से मनचाहे नतीजे नहीं मिलते। इस वजह से आपको अपने पोर्टफोलियो को लगातार रीबेलेंस करना होगा। इसके लिए एक निवेशक को बाजार के विकास के साथ बने रहने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की आवश्यकता होती है – यहां तक कि आवश्यकता होने पर उच्च अस्थिरता के दौरान निवेश को बाहर भी निकालना पड़ सकता है। समय पर लगाया एक टांका, बाद में नौ टांकों को बचाता है। वित्तीय योजनाएं बदल सकती हैं, लेकिन वित्तीय लक्ष्य नहीं! आपके पास दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्य हैं और उन्हें पाने के लिए शॉर्ट-टर्म योजनाएं हैं। कई बार, बाजार की घटनाओं की एक सीरीज के कारण आपकी वित्तीय योजनाएं बदल सकती हैं। हालांकि, आपके दीर्घकालिक लक्ष्यों को आदर्श रूप से बरकरार रहना चाहिए। आपकी वित्तीय योजनाओं में केवल एक मामूली सुधार की आवश्यकता होनी चाहिए। लेकिन इसे कैसे करें? पोर्टफोलियो निवेश रूलेट व्हील पर लगाए दांव की तरह नहीं हैं। वे वित्तीय साधनों, मार्केट परफॉर्मंस, अनुमानित मांग और तकनीकी उपकरण और इनसाइट्स से समर्थित कई अन्य मापदंडों के आधार पर बनाए जाते हैं। आपको उनका लाभ उठाना होगा।
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मन की भटकन छोड़ सखे
• प्रमोद दीक्षित ‘मलय’ उस उपवन जाना कैसा जहां सुमन को तेरी चाह नहीं।उस तरु से क्या मिलना जो देता…
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चंद्रशेखर आज़ाद
अपना नाम …….आजाद ।पिता का नाम ……..स्वतंत्रता बतलाता था। जेल को ,अपना घर कहता था।भारत मां की,जय -जयकार लगाता था।…
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विज्ञान एक प्रामाणिक ज्ञान
विज्ञान तो है क्रमबद्ध व्यवस्थित ज्ञान।कल्पनाओं और तथ्यों को यह देता सत्यापित प्रमाण॥विज्ञान देता जीवन के हर क्षेत्र में सहयोग।अनवरत…
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पूंजीपतियों व सरकारों के गठजोड़ पर चोट करता नाटक “सोहो में मार्क्स”
मृगेन्द्र सिंह पूंजीवादी सरकार चाहे जिसकी हो, देश पर अमीरों का राज होता है। पूंजीवाद अपने आप में इंसानियत के…
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यूँ ही नहीं की जाती है कविता
यूँ ही नहीं की जाती है कवितायह सोच- सोच कर जीवन बीताकई तरह के विचार आते -जातेफिर भी मन है…
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