मंहगाई, बेरोजगारी के खिलाफ जंतर—मंतर पर वामपंथी पार्टियों का प्रदर्शन
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नई दिल्ली। दिल्ली राज्य वामपंथी पार्टियों ने जंतर मंतर दिल्ली पे एक विशाल विरोध प्रदर्शन बेहद बढ़ती महंगाई, बेहद बढ़ती बेरोज़गारी, सरकारी सम्पतियों को कोड़ी के भाव पूँजीपतियों क़ो बेचने, रोज बढ़ते पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस के दामों के विरुद्ध तथा तीन काले कृषि कानूनों क़ो वापिस लेने, श्रमिक अधिकारों पे हमलो के विरुद्ध किया। इस प्रदर्शन क़ो 19 राजनीतिक दलों के आवाहन पे किया।
इस प्रदर्शन क़ो सम्बोधित करने वाले नेता थे डी.राजा,महासचिव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई ), प्रोफेसर दिनेश वार्ष्णेय, सचिव, सीपीआई दिल्ली राज्य, प्रोफेसर राजीव कुमार, सचिव मण्डल सदस्य सीपीआईऍम, दिल्ली राज्य, सुचेता डे, सचिव मंडल सदस्य सीपीआईऍमएल, धर्मेंद्र कुमार वर्मा, सचिव फारवर्ड ब्लॉक, शत्रुजीत सिंह सचिव आरएसपी, बिरजू नायक सीजीपीआई।

डी. राजा ने कहा की जनता बेहद महंगाई से त्राहि त्राहि कर रही है, बेरोजगारी बेहद बड़ी हुई है, छोटे व मझोले उद्योग मोदी जी ने नोटेबंदी से अब तक चौपट कर दिये, अर्थवयवस्था नकरात्मक है, किसान 9 महीनों से तीन काले कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहें हैं, मज़दूरों के अधिकारों पे पूँजीपतिप्रस्त हमलें हो रहें हैं और मोदी सरकार सरकारी सम्पतियों क़ो कोड़ी के भाव बिचोलिये पूंजीपतियों क़ो बेच रही है।

रोना बीमारी में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ व बीजेपी की मोदी सरकार इलाज प्रदान करने में पूर्णतः असफल रही। इसलिए मोदी सरकार अपनी असफलतायो से जनता का ध्यान भटकाने के लिये सम्प्रदायिकता क़ो फैलाकार हमें आपस में लड़वाती है । भारतीय जनता क़ो यह समझाना होगा और हम सबको विशेषतोर पे वामपंथी पार्टियों क़ो जनता के आंदोलन क़ो तेज करना होगा ।
इस विरोध प्रदर्शन में अन्य नेता मौज़ूद थे अजय मलिक, केहर सिंह, अबसार अहमद, शंकरलाल, विवेक श्रीवास्तव, मुकेश कश्यप, प्रिया डे सीपीआई से, पुष्पेंद्र ग्रेवाल, मेमूना मुल्लाह, अनुराग सक्ससेना, सीपीआईएम आदि थे।




