वाधवानी एडवांटेज ने हेल्थकेयर उद्योग को खासतौर से समर्पित एक एक्सीलरेशन प्रोग्राम शुरू किया

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नई दिल्ली: कोविड महमारी का दुनिया भर में लोगों के स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और समाज, चिकित्सा कंपनियों और विशेषज्ञों पर अच्छा-खासा नकारात्मक प्रभाव है तथा अब ये सब मिलकर कई मौकों का लाभ उठा सकते हैं और किसी हेल्थकेयर उद्योग का भविष्य बना सकते हैं।


इस प्रक्रिया को गति देने के लिए अनूठा वाधवानी एडवांटेज प्रोग्राम हेल्थकेयर क्षेत्र के कारोबारों को इतनी शक्ति देता है वे अपने आर्थिक विकास को दो से 10 गुना तक तेज कर सकें।

इसके लिए वे ऑटोमेटेड ‘बिजनेस डिस्कवरी और ट्रांसफॉर्मेशन टूल्स’ की सहायता ले सकते हैं।

वाधवानी एडवांटेज प्रोग्राम में 1-12 महीनों का जुड़ाव है और यह तीन साल तक सहायता देने की पेशकश करता है।

इसे खासतौर से तैयार किए गए व्यैक्तिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नेतृत्व वाले कारोबारी बिजनेस एक्सीलरेशन प्रक्रिया की प्रिय प्रक्रिया के तहत दिया जाता है।

लक्ष्य कारोबारी व्यवस्था को मजबूत करना है किसी वाणिज्यिक अपेक्षा के बिना।

वाधवानी एडवांटेज पेशकशें उच्च गुणवत्ता वाली हस्तक्षेप हैं जिसके लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता है।

आवश्यकता हुई तो क्यूरेटेड सलाहकार सफलता आधारित या सब्सिडाइज्ड फीस की पेशकश करेंगे ताकि कारोबारों को बदलाव की अपनी यात्रा खत्म करने में सहायता दी जा सके और वाधवानी एडवांटेज से प्रमाणित हो।


वाधवानी एडवांटेज ने स्वामित्व वाला अपना सूचकांक और स्कोरिंग सिस्टम तैयार किया है जो प्रदर्शन सुधारने के लिए लक्ष्य निर्धारित करेगा।

स्वामित्व वाले डिस्कवरी टूल को इस तरह डिजाइन किया गया है कि कारोबारों का सशक्तिकरण करे जिससे 27 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के आधार पर प्रदर्शन की माप की जा सके।

इनमें से आठ सबसे महत्वपूर्ण है जो पूर्व में सात तिमाहियों और भविष्य के लिए भी है। इससे इन कंपनियों को उद्योग के मानकों से अपनी तुलना करने का मौका मिलता है।

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