मैं सपने को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत करती हूं: स्वीटी

जयपुर। भारतीय मुक्केबाज स्वीटी बूरा अपने एक इंटरव्यू में बताया कि मैं अपने सपने को पूरा करने के लिए दिन—रात मेहनत करती हूं। इंटरव्यू सीरीज मिशन गोल्ड पर बातचीत के दौरान स्वीटी ने बताया कि मैंने बॉक्सिंग को इसलिए चुना कि मैं स्कूल में बहुत कम बात करने के कारण हर बार जब चीजें गलत होती थीं तो मैं संभाल नहीं पाती थी।

कई बार तो अपने साथियों को समझाने की कोशिश करने पर वे मुझे ही पलट कर जवाब देते थे तो भी मैं अपने आप को शांत रखने की कोशिश करती थी। अगर वे नहीं समझते थे तो मैं उनपर मुक्के भी बरसाती थी।

बॉक्सिंग के प्रति लगाव को महसूस करने के बाद स्वीटी ने 2009 में भारतीय खेल प्राधिकरण में एक ट्रायल दिया और एक प्रशिक्षित बॉक्सर के खिलाफ पहले राउंड में हार गयी थी। इसके बाद फिर हिम्मत जुटाई और अपने प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ अपर कट पंच मारकर बाहर कर दिया और इस तरह अपने बॉक्सिंग करियर की शुरुआत की।

स्वीटी ने कहा कि 2014 में मैं टाइफाइड के कारण बीमार पड़ गई और मुझे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। मेरे डॉक्टर के आराम करने की सलाह को नजदअंदाज कर मैं अस्पताल से भाग गई, 100 मीटर की दौड़ लगाकर ट्रेन पकडीऔर ट्रेन में बेहोश हो गई। मेरे माता-पिता ने मुझे वापस आने के लिए कहा लेकिन मैं भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए दृढ़ थी और उन्होंने मुझे आगे बढ़ने के लिए आशीर्वाद दिया। स्वीटी 2024 के पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए दृढ़ निश्चय हैं।

स्वीटी ने टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रहे सभी मुक्केबाजों को शुभकामनाएं दी। यह पहली बार है जब पांच भारतीय मुक्केबाज सीधे क्वार्टर फाइनल में उतरेंगे।

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