कोचिंग इंडस्ट्री में उभरे धोखाधड़ी के मामलों में कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया सख्त कार्रवाई कर रहा है

-सीएफआई के निदेशक बोर्ड ने कोचिंग इंडस्ट्री में गड़बड़ियों, भारत में शिक्षा के भविष्य और कोरोना महामारी के प्रकोप के दौरान किए गए राहत कार्यों पर प्रकाश डाला

नई दिल्ली: कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया एक राष्ट्रव्यापी संस्थान बन गया, जिसने कोचिंग इंडस्ट्री के संचालन के तरीकों में बहुत सारे बदलाव किए हैं। इसकी काफी लंबे समय से मांग की जा रही थी। इसके लिए एकीकृत प्लेटफॉर्म को लॉन्च करने से लेकर एजुकेशन के क्षेत्र में फिर से सुधार करने और शिक्षा क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिहाज से फेडरेशन ने अपना एक मुकाम बनाया। कंपनी निदेशकों के बोर्ड में श्री मृत्युंजय आर. नारायण, श्री आशीष गंभीर, श्री वैभव बाकलीवाल, श्री विवेक सिक्का और श्री एन. के. गुप्ता शामिल है, जिन्हें कोचिंग इंडस्ट्री में 25 से ज्यादा वर्षों का व्यक्तिगत अनुभव रहा है। उन्होंने कोचिंग इंडस्ट्री में उभरने वाले धोखाधड़ी के मामलों पर खास जोर देते हुए बताया कि किस तरह शिक्षा क्षेत्र में सुधार और पुनर्निर्माण की गतिविधियों से भविष्य को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को पढ़ाने के तरीकों और छात्रों को सिखाने की प्रक्रिया में काफी तेज रफ्तार से प्रगति होगी।

मृत्युंजय आर. नारायण ने आज के कार्यक्रम में कहा, “सीएफआई एक मिशन को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रहा है। इसमें केवल दुर्भावनापूर्ण मंशा रखने वाले व्यक्तियों की ओर से रुकावट डाली जा रही है, जिसका मकसद कोचिंग इंडस्ट्री की छवि को नुकसान पहुंचाना है। अपना यह उद्देश्य पूरा करने के लिए वह व्यक्तिगत लाभ के लिए सीएफआई की डमी बनाते हैं और उसका गैरकानूनी तरीके से इस्तेमाल करते हैं।“

सीएफआई के कानूनी सलाहकार श्री सिद्धार्थ नायक ने कहा, “5 मई 2021 को कानपुर के जालसाज श्री आलोक दीक्षित के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। उन्होंने सीएफआई के आधिकारिक लोगो और ब्रैंड की पहचान का धोखाधड़ी से अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया और ब्रैंड के मशहूर नाम का इस्तेमाल कर फर्जीवाड़े से खूब पैसा कमाया। श्री दीक्षित ने कई सार्वजनिक समारोह का आयोजन किया और लोगों के मन में अपने झूठे दावे के प्रति विश्वास जगाया कि वह कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के मालिक हैं। शिकायत के आधार पर साकेत जिला कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को कानपुर निवासी श्री आलोक दीक्षित के खिलाफ कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का  निर्देश दिया।  

श्री आशीष गंभीर ने संगठन के कार्यक्षेत्रों पर प्रकाश डालते हुए कहा, “द कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया भारत की कोचिंग इंडस्ट्री में प्रमुख रूप से आगे बढ़कर योगदान दे कहा है। हमने उस समय भी आगे आकर काम किया, जब कोरोना महामारी का प्रकोप झेल रहे लोगों को राहत देनी थी। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि चाहे शिक्षा जगत में लोगों को समर्थन देना हो या सामाजिक तौर पर भारत की मदद करनी है, भारत का भविष्य सुरक्षित रहे।“ श्री वैभव बाकलीवाल ने कहा, “सीएफआई दोनों ट्यूटर और स्टूडेंट्स के लिए कोचिंग को ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए तैयार है। ये बदलाव देश के छात्रों की सीखने और आगे बढ़ने में मदद करेगा।“

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button